आज भी याद आने से आंखें छलक जाती हैं मामाजी के देहांत और उस समय छोटी सी मीशा का मासूम चेहरा , हम सब जड़ हो गए थे दुःख और असमय इस तरह के कठोर आघात से। पूरे परिवार पर मानो बिजली गिर गयी हो ! तराजू में तौल तो नहीं सकते प्यार को लेकिन मामाजी हर एक दिल की धड़कन थे ! सच कहें तो मामाजी की मौत नहीं हुयी बल्कि उन्हें मारा गया था क्योंकि वे बाकी लोगों के रास्ते में एक रूकावट थे ईमानदारी की वजह से और उनकी बुद्धिमानी से चोरी पकड़ने से बड़े से बड़े अधिकारी भी कांप चुके थे। यदि वे रहते तो संभवतः कई बड़े अधिकारी भी ब्लैक लिस्ट में आ चुके होते ! खैर ये तो पुराने जख्म हैं जो हमेशा ही हरे रहेंगे।
सभी का मशविरा था कि चूंकि मीशा छोटी थी उसे मामाजी का चेहरा न दिखाया जाए क्योंकि मासूम मन में ये गहरी चोट होगी , लेकिन आखिरकार उसे नजदीक ले जाकर मामाजी का चेहरा दिखाया गया लेकिन मृत्यु का उल्लेख किये बिना , वह क्षण जैसे कैमरे में लिया फोटो हो आज तक मन में कहीं गहरे तक अंकित है। उसके बाद सब कुछ ख़त्म हो गया , धीरे धीरे हम सब मीशा और रुनझुन में मामाजी को देखने लगे और समय अपनी रफ़्तार से भागता रहा लेकिन रायपुर भी धुंधला हो चला था। जान नहीं रही थी रायपुर में। बेटी ! उस बुलाने के अंदाज़ में मामाजी जैसे जान डाल देते हों ! फिर कभी उस शब्द में उतनी मिठास नहीं लगी जैसे मामाजी के बुलाने पर लगती थी। वाह रे वाह , मामाजी की याद अभी भी मेरी आंखों से झड़ी बनकर बरस रही है , न जाने क्यों इस सप्ताह मामाजी ही छाए हैं मन में !
उस दिन मैंने कुछ हिचकते हुए मीशा का नंबर डायल किया , क्या पता वो क्या सोचेगी लेकिन फिर भी मैंने थोड़ी देर बातें होने पर मैंने पूछा,मीशा तुमको तो शायद मामाजी की याद न हो , उसपर तुरंत मीशा ने कहा "नहीं दीदी मुझे अच्छी तरह पापा की याद है " मेरी बोलती ही बंद हो गयी। इतने ज़िंदादिल मामाजी की दोनों बेटियां बेहद ही अच्छी हैं लेकिन चंद लोगों की गलत साजिश ने उनसे उनका आधा बचपन और सागर जैसे प्यार ही प्यार भरे दिलवाले मामाजी को छीन लिया , इसे विधि का विधान कहें या सजा लेकिन मेरे मन में एक कसक मरते दम तक रहेगी कि मैं अपनी बहनो से दूर बहुत ही दूर रह गयी ! यदि मामाजी होते तो हम सबका जीवन कैसा होता ? निःसंदेह मेरी दोनों प्यारी बहनो को भी हमारी ही तरह दिल लबालब भरा होता प्यार भरी उनकी यादों से। मीशा को थोड़ी बहुत यादें होंगी लेकिन रुनझुन तो बहुत ही छोटी थी , उससे मेरी बात भी नहीं हुई है सिर्फ उसकी तस्वीरें ही देखकर खुश हो लेती हूं। भगवान से प्रार्थना करती हूं कि मेरी प्यारी मासूम बहनो का चेहरा देखने का सौभाग्य मुझे जल्द ही मिले।